This I had made in the final semester of my Masters degree course in June 2013.
Your views on my scripting; editing sense; editing; voice-over skills et al are welcomed............
| AUDIO(V.O.) | VIDEO |
| छोटा पर्दा अब 'छोटा' नहीं रहा . 'हम लोग '; ‘नुक्कड़ ’; ‘रामायण ’ आदि के जरिये छोटे -छोटे डेग भरता छोटा पर्दा अब अश्लीलता और गाली-गलौज के ट्रैक पर बुलेट ट्रेन की स्पीड से भी तेजी से भागा जा रहा है. अश्लीलता और अभद्रता की भाषा बोल रहा है.... | THE LOVEMAKING SCENE FROM THE BALAJI SHOW BADAY ACCHE LAGTE HAIN(BALH) IS PLAYED FOR A FEW SECONDS BEFORE THE VOICE OVER STARTS. MONTAGE OF SHOWS LIKE “HUM LOG”; “NUKKAD”; “RAMAYAN” ARE SHOWN IN QUICK SUCCESSIONS FOLLOWED BY THE LOVEMAKING SCENE FROM “BADAY ACCHE LAGTAY HAIN” AND ABUSIVE LANGUAGE FROM THE SHOW MTV ROADIES. |
| ये किसी कॉम्प्लान या जन्मघुट्टी की खुराक का कमाल नहीं जनाब बल्कि सेक्स और गाली -गलौज के डोज़ का असर है ! | CLIP OF THE COMPLAN COMMERCIAL IN WHICH CHILDREN ARE SEEN MEASURING THEIR HEIGHT. |
| पर छोटे परदे के ठेकेदार इसे अपनी टीआरपी की लालच नहीं बल्कि इसके ‘पिछडेपन’ को दूर करने का रामबाण बता रहे हैं . | CLIPS OF EKTA KAPOOR AND MTV ROADIES MAKERS’ RAGHU AND RAJEEV. |
| पर क्या ‘एडवांस ’ बनने का मतलब ऐसे सीन दिखाना है जिससे आँखें टीवी स्क्रीन छोड़ बाकी सभी और देखने को मजबूर हो जाए . या फिर ऐसे डायलोग सुनाना जिसके बोल सिर्फ यही हो ----- ‘बीप ’; ‘बीप ’ ; ‘बीप ’! | AGAIN CLIPS OF THE SHOW BALH AND MTV ROADIES PLAYED OUT. |
| टीवी की दुनिया दर्शकों की तालियों की आवाज़ पर नहीं बल्कि सिक्कों की खनक पर चलती है . और ये आती है ऊँची टीआरपी से . पर टीआरपी की फिनिशिंग लाइन को पार करने की होड़ में यू सामाजिक मूल्यों और शालीनता के बैरिअर को लांघना जरुरी है ? छोटे परदे का एक बड़ा दर्शक वर्ग महिलाएं और बच्चे होते है ; "बड़े अच्छे लगते हैं" जैसे शो को देखने वाला पूरा परिवार होता है ! | CLIPS OF SHOWS LIKE BIG BOSS FEATURING INTERNATIONAL PORN STAR SUNNY LEON AND ASHMIT PATEL-VEENA MALIK CLIP. |
| पिछले दो हफ्तों के आंकडों की बात करें तो छोटे परदे को ‘मॉडर्न ’ बनाने का ठेका लेना वाले टीवी शो जैसे “बडे अच्छे लगते हैं ” टॉप 10 टीवी शो में कहीं जगह नहीं बनाते दिखते ! | THE TRPs OF THE PAST TWO WEEKS ARE SHOWN THROUGH GRAPHICS. |
| पर जब 18 मार्च को है 2012 फिक्की फ्रेम्स अवार्ड में “बडे अच्छे लगते हैं" को बेस्ट फिक्शन शो का अवार्ड मिलने की खबर आती है मन बरबस ये सोचने को मजबूर हो जाता है की क्या अवार्ड के ठीक पहले एक फैमिली शो में इस तरह के एडल्ट सीन दिखाना कहीं सुर्खियों में आने का कथ्कंडा तो नहीं! बात कुछ भी हो डर सिर्फ इस बात का है कि हमेशा भेडचाल कि नीति अपनाने वाला छोटा पर्दा ऐसे सीन दिखाना एक आदत न बना ले और इससे दूर रहने वाले शो और दर्शक को चिढ़ाते हुए ये न कहे की जनाब आप तो "बडे बच्चे लगते हैं" ! | |