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Friday, July 6, 2012

An Open Apology Letter to The Indian Rail


प्रिय  भारतीय  रेल

नहीं …..सर्वप्रिय सर्वश्रेष्ठ  भारतीय  रेल !

सबसे  पहले  तो  आप  ये  बताएं  कि आपका  कौन  सा  पार्ट  आपका  पाँव  कहलाता  है !

मैंने  आपके  पहियों  को  आपका  पाँव  समझ  उसपर  गिरकर  आपसे  माफ़ी  मांगने  की  कोशिश  करनी  चाही  तो  लोगों  ने  उसे

सुसाइड  अटेम्प्ट  समझ  वैसा  करने  नहीं  दिया  और  ऊपर  से  ‘जीवन  से  लड़े  कैसें ” पर  लेक्चर  भी  दे  दिया !

इसलिए  अगर  पहिया  ही  आपका  पाँव  है  तो  प्लीज  उसका  विकल्प  भी  बता  दीजिये  आप .

आज  फिर  से  मेरा  टिकट  कन्फर्म  नहीं  हो  पाया !

कभी  टिकट  कन्फर्म  नहीं  हो  पा  रहा ; कभी  ट्रेन  ही  मिस  हो  जा  रही  है ; कभी  टिकट  बुक  तक  नहीं  कर  पा  रहा  हूँ

……..आखिर  ऐसी  भी  क्या  नाराजगी  कि  आप  मुझसे  इस  कदर  रूठे  हैं  कि  मुझे  अब  आपसे  यात्रा  करने  का  मौका  ही  नहीं 

मिल  रहा !

अब  तो  लोग  “हाथ  में  आया  पर  मुँह को न  आ  सका ” मुहावरे  की जगह  “प्लेटफॉर्म  तक आ  गया  पर  गाडी  पर  चढ़  नहीं  सका

” कहने  लगे हैं !

मुहल्ले  में  निकलता  हूँ  तो  लोग  ये  नहीं  पूछते  की  “कैसे  हो ?क्या  हाल  है ?”. बल्कि  ये  पूछते  हैं  कि “बुक  कराने  जा  रहे  हो 

या  कैंसल  करवाने ?”!

किसी  इंसान  से  पहली  बार  मिलता  हूँ  तो  “आपका  नाम  क्या  है ” की  जगह  “आपका  PNR क्या  है ?” निकल  जाया  करता  है !

मेरे  बॉडी  का  जो -जो  पार्ट  एक  दुसरे  से  जुड़  सकता  है  वो  जोड़  कर  आपसे  विनती  कर  रहा  हूँ  कि अब  बस  कीजिये !

ये  जो  मुझे  ‘ब्लैकलिस्ट’ कर  रखा  है  उस  प्रतिबन्ध  को  तुरंत  हटा  दीजिये !

 मैं  अब  बदल  चुका हूँ ! अब  मैं  कन्फर्म  टिकट  मिलने  की एहमियत  समझ  चुका  हूँ  और  अब  “ टिकट  कन्फर्म-कन्फर्म कैंसल -

कैंसल ” नहीं  खेलता  हूँ !

मेरा  10 July 3, 2012 से  पहले  दिल्ली  जाना  बेहद  जरुरी  है ! कल  मैं  फिर  से  तत्काल  टिकट  की  कोशिश  करने  जाने  वाला 

हूँ! प्लीज़  इस  बार  कन्फर्म  टिकट  दिलवा  देना  मुझे !

मैं  वादा  करता  हूँ  कि आपके  किसी  भी  ट्रेन  की कभी  बुराई  नहीं  करूँगा ; एक  ट्रॉली बैग  एक्स्ट्रा  पानी  की  बोतलें  ले  लूँगा  पर 

सुबह  के  टाइम  आपके  कुछ  ट्रेन्स  के  बाथरूम  में  पानी  खत्म  हो  जाने  की  शिकायत  कभी  नहीं  करूँगा  और  अपने  साथी 

यात्रियों  को  भी  नहीं  करने  दूंगा !

पसंदीदा पकवानों की बात आने पे  मैं  IRCTC के ही  सारे  पकवानों  का  नाम  लूँगा ! मैं तो  बर्थडे  पार्टी  में  दोस्तों  को  मेक्डोनाल्ड/

पिज्जा  हट/डोमिनोज  इत्यादि  की  जगह  रेलवे  स्टेशन  पे  IRCTC के  ही  डिशेस की  ट्रीट दूंगा !

बस  टिकट  कन्फर्म  मिलवा  दें  आप  मुझे !

आपका  अपना ,

वेटिंग -लिस्ट  पैसेंजर

Thursday, June 21, 2012

CONTRACT FORM FOR MY FRIENDSHIP(FOR GIRLS ONLY)


                                                                       


NAME*:                                                                                               _________________

(*नाम   कुछ   भी   हो   आप   अपना   इंट्रोडकशन  “हाय! मेरा  नाम  ‘चन्दन  की  फ्रेंड ’

 है .” कह  कर  ही  करेंगी.).

AGE**:                                                                                                 _________________
(**ICE AGE; THE ASIAN AGE को  छोड़कर  कोई  भी  AGE चलेगा .).


SEX:                                                                                                    ___________________

(छी ! दोस्ती  के  बीच  में  ‘सेक्स ’ कहाँ  से  आ गया ! एक  बात  मैं  शुरू  में  ही



क्लिअर  कर  देना  चाहता  हूँ  कि हमारा  रिश्ता  सिर्फ  और  सिर्फ  दोस्ती  का  होगा . उससे



ज्यादा  की उम्मीद  नहीं  करना  :p )


ARE YOU IN A RELATIONSHIP***?(select any one option; preferably ‘B’)

A)     YES
B)      NO

(*** If your answer is A, then mail me a photo of the guy you’re dating stating in

Your own handwriting/recorded audio or video message that you’re in a relationship

With that guy. Also mention your complete permanent postal address and phone

Numbers  of your parents. If your answer is B, skip the ADDRESS section.)

ADDRESS:                                                                           ________________________
                                                                                             ________________________
                                                                                             ________________________

PHONE NUMBER of PARENTS:                                        ________________________

(Read the following Terms & Conditions carefully as मेरी  दोस्ती  आपको  मिलने के  सारे  चांसेस  इन्ही  पर  टिकी  हैं . वरना  बाद  मैं  जब  मैं  ज़मीन  पर लोट -लोटकर  आपके  पाँव  पड़-पड़कर  मुझे  अपना  दोस्त  बना  लेने  के  लिए मिन्नतें  करने  लगूंगा  और  जहाँ -तहां  सीन क्रिएट  करता  चलूँगा  तो फिर  बोलना  मत  कि वार्निंग  नहीं  दिया  था .)

Terms & Conditions:

A)     Regular LIKES n COMMENTS on my FB STATUS UPDATES N NOTES

B)     मैं  कितना  भी  हैंडसम क्यूँ  न  लग  रहा  हूँगा पर  तारीफ  आप



         सिर्फ मेरे  shirt/jeans/shoes etc. की ही  करेंगी . E.g., “ चन्दन !



         तेरा  Shirt/jeans/shoes etc. बहुत  अच्छा  लग  रहा  है !”



C)      मेरे  पीठ  पीछे  चाहे  तुम  जो भी  कहो  पर  कभी  मेरे  मुँह



         पे  ये  नहीं  कहोगी  कि  “चन्दन ! तुम  कितने  दुबले -पतले  मरियल



        टाइप  के  हो ! कुछ  करो  अपनी  हेल्थ  को  लेकर !”. अगर  कभी  कंट्रोल



         नहीं  हो  पाए  और  मेरे  मरियल  से  कद-काठी  और  चिड़िया  के  घोंसले



         जैसे  बालों  के  बारे  में  कहना  हो  तो  मुझसे  कह  देना  मैं



        मुड़  जाऊँगा . तब  कह  सकती  हो  कोई  प्रॉब्लम  नहीं  होगी  मुझे .



D)     और  ये  भी  महीने  में  सिर्फ  एक  बार  ही  कहना  अलाउड होगा  कि



       “बचपन  में  तुम  कितने  स्वीट  और  क्यूट  थे   पर  अब   देखो!



        भगवान  ऐसा अन्याय किसी  के  साथ  न करे."



E)      अगर  मुझे  छोड़ कर  आप  दूसरों  के  साथ  घूमने जाती  हैं



         तो फेसबुक  पर  उससे रिलेटेड  कोई  स्टेटस  अपडेट या  तस्वीर  अपलोड नहीं  करना



         होगा .



F)      मैं चाहे  कितना  भी  गलत  क्यूँ  ना  हूँ  मेरे  सौरी  बोलने

         पर मान  जाना  होगा  तुरंत . एक  ही  गलती  बार -बार  करने

         के  केस  में भी  ये  नियम  लागू  रहेगा .



अगर ये  सभी  शर्तें  मंज़ूर  हो  तो  नीचे  साइन  कर  के  ये  फॉर्म  मुझे  भेज दें . ध्यान रहे कि  यहाँ वाला  सिग्नेचर  आपके  बैंक  अकाउंट  के  सिग्नेचर  से  मिलता हो.



ये CONTRACT FORM साइन कर  आप  आधे  मन  से  ही  सही  पर  मेरा  दोस्त  बनना  स्वीकार कर  रहे  हैं कम से कम अगले  2 जनम  तक .



मेरी दोस्ती  महाभारत  के  चक्रव्यूह  कि  तरह  है  जिसमे  इंटर तो  किया  जा  सकता है  पर  बाहर निकलना  नामुमकिन  है . इसलिए  ये  सोच  के  खुश  मत  हो  जाना  कि  मेरे  TERMS & CONDITIONS फौलो नहीं  करने  पर  तुम्हे  कोई  कीमत  नहीं  चुकानी  पड़ेगी .



_________________



(Signature)



(P.S. इस  CONTRACT FORM के  साथ  किसी  भी  लेटेस्ट  मूवी  का  टिकट(only multiplex ticket please!) भेजना  ना  भूलें नहीं  तो  फॉर्म  रिजेक्ट  हो  जाएगा .)



  

Sunday, March 25, 2012

‘गाय' पर एक लेख



जब  से   मेरे   कॉलेज  के  एक  टीचर  ने  हमें  ‘गाय’ पर  लेख  लिखने  को  कहा  मैंने  पूरी  दिल्ली  और  गुडगाँव  छान  मारा  पर  मुझे  कोई  

खटाल  मिली ही   नहीं  कि  मुझे   एक  गाय  दिख   जाए   और  मैं   उसपर   अपनी  नोटबुक  रख  एक लेख  लिख  सकता ! और  सर  ने

टॉपिक  भी  नहीं  बताया  कि  किस (हिंदी  वाला  'किस';इंग्लिश  वाला  नहीं !) टॉपिक पर  लिखना  है  बस  ये  कह  दिया  की ‘गाय ’ पर एक

लेख लिखने  की  कोशिश  करिएगा  आप   लोग  !

खैर  ‘गाय ’ पर  कर  लिखने   का  सौभाग्य  नहीं  मिल  सका तो  क्या  हुआ ? ‘गाय ’ टॉपिक  पर  ही  लिख  देता  हूँ  एक  लेख !

बचपन  से  ही  बड़ा  गहरा  रिश्ता  रहा  है  ‘गाय ’ शब्द  से .

याद  है  मुझे  की  किस  तरह  मन  मारकर  इसी  ‘गाय ’ का  दूध  मुझे  सुबह -शाम  पीना  पड़ता  था .

पर  फायदा  कुछ  नहीं  हुआ   क्यूंकि  जितना  ही  मैं  ‘गाय ’ का   दूध  पीता  था  परीक्षा  में  मार्क्स  उतने  ही  कम  आया  करते  थे ! और

इसी  कारण  मुझे  इस  ‘गाय ’ के  ही  मेल  वर्ज़न  ‘बैल ’ की  उपाधि  मेरे  टीचर्स  ने  दे  रखी  थी  !

(हालांकि  कुछ  और  जानवरों  के  अलंकार  से  मुझे  समय -समय  पर  नवाज़ा  जाता  रहा  जैसे  ‘गिरगिट ’(पापा  और  मम्मी  के  फ्रेंड्स 

द्वारा  जब  मैं  हर  साल  फ्रेंडशिप  डे पर  उनकी  बेटियों  से  फ्रेंडशिप  बैंड  तो  बंधवा  लेता  था  पर  राखी  के  टाइम  पर  वादा  कर  के  भी

उनके  यहाँ  नहीं  जाता  था ) ; ‘गधा’ (मेरे  पापा  द्वारा ); ‘बन्दर ’(मोहल्ले  वालों  द्वारा ); ‘कुत्ता ’(अपनी  बेहें  और  कज़न्स  द्वारा  जब  मैं

उनके  हिस्से  की  मिठाई /आइसक्रीम  खा  जाया  करता  था ); ‘चूहा ’(अपनी  मम्मी  द्वारा  जब  मैं  काजू -पिस्ता  और  खाने  की

बाकी  दूसरी  चीज़ें  घर  में  कहीं  भी  छुपा  देने  पर  भी  ढूंढ  के  चट कर  जाता  था ).

खैर , ‘गाय ’ पर  वापस  आता  हूँ . बडे  होकर  भी  ‘गाय ’ से  पिंड  नहीं  छुटा मेरा ! जब  मोहल्ले -शहर में  मेरे  प्यार  में  पड़ने  की  खबर 

फैली  तो  सब  लोगों  ने  मेरी  ‘भावना ’ का  ख्याल  नहीं  रखते  है  एक  सुर   mein यही  सवाल   पूछा ---- “हु  इस  द लक्की  गाय ? :’( “

उम्मीद  करता  हूँ  कि  आज  तक  जिस  ‘गाय ’ ने  मुझे  न  जाने  कितने  सितम  दिए , वो  ‘गाय ’ इस  लेख  के  जरिये  थोड़ी -बहुत ही

सही  पर  वाहवाही   जरुर  दिलवादे !



Monday, March 19, 2012

'बड़ा ' होता छोटा पर्दा !

This is the news script I've written. I want you to give your feedback on the script as well as my visualization

abilities.





AUDIO(V.O.)
VIDEO
 छोटा  पर्दा  अब  'छोटा'  नहीं  रहा . 'हम  लोग '; ‘नुक्कड़ ’; ‘रामायण ’ आदि  के  जरिये  छोटे -छोटे  डेग भरता  छोटा  पर्दा  अब  अश्लीलता  और गाली-गलौज  के  ट्रैक  पर  बुलेट  ट्रेन  की  स्पीड  से  भी  तेजी  से  भागा  जा रहा है.

 अश्लीलता और अभद्रता की भाषा बोल रहा है....

THE LOVEMAKING SCENE FROM THE BALAJI SHOW BADAY ACCHE LAGTE HAIN(BALH) IS PLAYED FOR A FEW SECONDS BEFORE THE VOICE OVER STARTS.

MONTAGE OF SHOWS LIKE “HUM LOG”; “NUKKAD”; “RAMAYAN” ARE SHOWN IN QUICK SUCCESSIONS FOLLOWED BY THE LOVEMAKING SCENE FROM “BADAY ACCHE LAGTAY HAIN” AND ABUSIVE LANGUAGE FROM THE SHOW MTV ROADIES.
ये  किसी  कॉम्प्लान  या  जन्मघुट्टी  की  खुराक  का  कमाल  नहीं  जनाब  बल्कि  सेक्स  और  गाली -गलौज  के डोज़  का  असर  है !

CLIP OF THE COMPLAN COMMERCIAL IN WHICH

CHILDREN ARE SEEN MEASURING THEIR HEIGHT.


पर  छोटे  परदे के  ठेकेदार  इसे  अपनी  टीआरपी  की  लालच  नहीं  बल्कि  इसके  ‘पिछडेपनको  दूर  करने  का  रामबाण   बता   रहे   हैं  .

CLIPS OF EKTA KAPOOR AND MTV ROADIES

MAKERS’ RAGHU AND RAJEEV.
पर  क्या  ‘एडवांस ’ बनने  का  मतलब  ऐसे  सीन  दिखाना  है जिससे  आँखें  टीवी  स्क्रीन  छोड़  बाकी  सभी  और  देखने  को  मजबूर  हो  जाए . या  फिर  ऐसे  डायलोग  सुनाना  जिसके  बोल  सिर्फ  यही  हो ----- ‘बीप ’; ‘बीप ’ ; ‘बीप ’!

 AGAIN CLIPS OF THE SHOW BALH AND MTV

ROADIES PLAYED OUT.
टीवी  की  दुनिया  दर्शकों  की  तालियों  की  आवाज़  पर  नहीं  बल्कि  सिक्कों  की  खनक  पर  चलती  है . और  ये  आती  है  ऊँची  टीआरपी से . पर  टीआरपी   की  फिनिशिंग  लाइन  को  पार करने  की  होड़  में   यू  सामाजिक  मूल्यों  और  शालीनता  के  बैरिअर  को  लांघना  जरुरी  है ? छोटे  परदे  का  एक  बड़ा  दर्शक  वर्ग  महिलाएं  और  बच्चे  होते  है ; "बड़े  अच्छे   लगते  हैं"  जैसे  शो  को  देखने  वाला  पूरा  परिवार  होता  है !

  CLIPS OF SHOWS LIKE BIG BOSS FEATURING

INTERNATIONAL PORN STAR SUNNY LEON AND

ASHMIT PATEL-VEENA MALIK CLIP.
पिछले  दो  हफ्तों  के  आंकडों  की  बात  करें  तो  छोटे  परदे  को  मॉडर्न ’ बनाने  का  ठेका  लेना  वाले  टीवी  शो  जैसे  बडे अच्छे  लगते  हैं टॉप  10 टीवी  शो  में  कहीं   जगह  नहीं  बनाते  दिखते !

THE TRPs OF THE PAST TWO WEEKS ARE

SHOWN THROUGH GRAPHICS.
पर  जब  18 मार्च  को  है  2012 फिक्की  फ्रेम्स  अवार्ड  में  बडे  अच्छे  लगते  हैं" को बेस्ट फिक्शन शो का अवार्ड मिलने की खबर आती है मन बरबस ये सोचने को मजबूर हो जाता है की क्या अवार्ड के ठीक पहले एक फैमिली शो में इस तरह के एडल्ट सीन दिखाना कहीं सुर्खियों में आने का कथ्कंडा तो नहीं! 
बात कुछ भी हो डर सिर्फ इस बात का है कि हमेशा भेडचाल कि नीति अपनाने वाला छोटा पर्दा ऐसे सीन दिखाना एक आदत न बना ले और  इससे दूर रहने वाले शो और दर्शक को चिढ़ाते हुए ये न कहे की जनाब आप तो  "बडे बच्चे लगते हैं" !     







Tuesday, January 24, 2012

A letter to GOD from a yet-to-be born baby





आदरनिये  भगवान  जी ,


आपके  औफ़िशिअल  स्पोक्सपर्सन  नारद  जी  ने  कल  ट्वीट  किया  कि  धरती  पर  बच्चों  की  नयी  खेप  भेजे  जाने  की

तैयारी  हो  रही  है  और  मेरे  पिछले  जनम  के  अच्छे  कारनामो  को  देखते  हुए  मेरा  फिर  से  मानव  योनी

में  पैदा  होना  तय माना  जा  रहा  है.



भगवान  माना  की   जन्म  और  मृत्यु  रिलेटेड   सारे  डिसीजन्स  आपके  ही  मर्ज़ी  से  चलते  हैं . पर  मैं

आपसे  ये  आवेदन  कर  रहा  हूँ  की  मुझे  कहाँ  एंड  किसके  यहाँ  पैदा  करो . ‘Right to

recall’(यानि की  कब मुझे  वापस  अपने  पास  बुलाना  है ) ये  आप  अपने  पास  ही  रखो  पर

 ‘चुनाव’ का  अधिकार  मेरे  ही  पास रहने  दो  की  मैं  किसकी  औलाद (जायज़  या  नाजायज़  फर्क  नहीं  पड़ता ) बन  कर  धरती  पर  जाना  चाहता  हूँ .

यु  और  कोई  दौर  hota तो  मैं  ये  आवेदन  नहीं  कर  रहा  होता  पर  जबसे  Right to Education(RTE)

धरती  पर लागू  हुआ  है  और  देश  भर  के प्राइवेट स्कूल्स  जिस  तरह  से  प्राइमरी  एंड  STD.1 में

एडमिशन  को  लेकर मनमानी  कर  रहे  हैं , उसके  मद्देनज़र  आपसे  ये  गुजारिश  करना  जरुरी  है .(Side

note: RTE का  नाम बदल  कर  PTE कर  देना  चाहिए --- Privilege to Education!)




हाँ  तो  मेरी  भावी माँ-बाप  को  लेकर  मेरी  ये  ख्वाईशें हैं :



A) वो   उसी समुदाय /जाति  के  हो  जिन्हे  नर्सरी  या  STD.1 के  एडमिशन   में preference दिया  जाता  हो  शहर   के   बेस्ट प्राइवेट   स्कूल्स  में.

And/or

B) वो  उस  स्कूल  में  as a टीचर  काम  करते  हो




C) उनका  घर  स्कूल  के   3 किलोमीटर  के  रेडिअस  में हो क्यूंकि  आज  कल  के   स्कूल्स  बच्चों  का  सेलेक्शन  इस  आधार  पर  भी  करने  लगे  हैं

D) अगर  उनमे  ये  ऊपर  की  3 खूबियों में से एक भी ना हो तो उनकी जान-पहचान इतनी तगड़ी होनी चाहिए कि  एडमिशन के लिए मेरी सिफारिश हो सके!

E) जब  तक  मेरा एडमिशन अच्छे  से  अच्छे स्कूल में नहीं हो जाता मेरी उम्र उतनी ही रहे जितना की उन स्कूलों में माँगा जाता है.
  
F) और  अगर  इनमे  से  कुछ  भी  नहीं  एक्सेप्ट  कर  तो कम से कम इतनी मेहरबानी कर देना की जब तक मेरा एडमिशन हो ना जाए तब तक जन लोकपाल बिल लागू ना हो क्यूंकि लास्ट ऑप्शन के तौर पे नकली सर्टिफिकेट; डोनेशन आदि ही विकल्प बचते हैं एडमिशन पाने के लिए.

                                                                                     
G) मुझे भले ही कितना ही बड़ा पनौती/अभागा बनाना पर  इतना  किस्मत  वाला  जरुर  बनाना  की  primary/STD. 1 में  एडमिशन  के  लिए  जो  लौटरी  निकालने  का चलन चल  चुका  है , उसमे  मेरा  नाम  निकल  जाए.


H) And last but not the least, मुझे   थोडा भी  हुनर  नहीं  देना  ताकि  मेरे  जैसो  का  एडमिशन  होते  देख  मेरिट  वाले  बच्चों को और  ज्यादा बुरा फील                                                                                     
नहीं  हो.

   I) अरे  लौटरी -सिस्टम  के  इस  खेल  में  उन  रिजेक्टेड  बच्चों  के  लिए  तो  मैं   ये  गुजारिश  करना  भूल ही गया--भगवान इग्नू जैसे दूर-शिक्षा संस्थाओँ में जल्द से जल्द नर्सरी और क्लास वन के लेवल के कोर्सेस शुरू हो जाएँ. 

                                                                           


आपका  आभारी (सिर्फ  तब  तक  जब  तक  आप  मेरी  अर्जी  मंज़ूर  नहीं  कर  देते ),

Soon-to-be born baby.



Wednesday, January 4, 2012

गुमशुदा......................

हमारी  प्यारी  फ्रेंड  ज्योति  के  ऑफलाइन  G.One में  कुछ  परेशानी  आ  गयी  है  जिससे  कि  उसका 

ऑनलाइन  C .One(मेरे क्लासमेट्स मुझे C .One  कह कर बुलाते हैं)…..I mean G.One भी  अफेक्ट  हो  

गया  है  बुरी  तरह . सो , ये  लेटर  उसके  लिए है ……….


प्रिय …नहीं ….सर्वप्रिय  ज्योति ,




Yipee!

इस  लेटर  की  शुरुआत  तुम्हारे  पसंदीदा  शब्द  से  कर  रहा  हूँ . अरे  शब्द  क्या  वो  तो   एक 

फिलौसोफी ; a way ऑफ़ living बन  गया  हमारे  लिए  जब  पहली  बार  तुम्हारे  Adam’s Apple se 


‘yipee’ शब्द  सुना . चाहता  तो  था  तुम्हे  कॉल  करके अपनी  बात  कहना  लेकिन  तुम्हे  फोन  करने  


पर  हर  बार  तुम  2-2 भाषाओँ  में  आवाज़ बदल   कर  बस  यही  कह  रही  हो ---- “द  वोडाफोन  नंबर  


यू हेव  डाइलड   इज   स्विचड  ऑफ़ . प्लीज़  ट्राई  letar.”.

 इसलिए  ये  लेटर (चिठी )  लिख  कर  अपनी  बात  तुम  तक  पहुचा  रहा  हूँ  !

तुम  शायद  भूल  गयी  ज्योति  की  तुम  आवाज़  बदल  कर  क्या  अगर  20 Hz से  नीचे  या  20000

Hz से  ऊपर  की  frequency पर भी  कुछ  बोलती  तोह  मैं  तेरी  पुकार /पान -पराग /शिखर  सुन  लेता .

 ज्योति  तुम्हे  पता  नहीं  तुम  कितनी  ख़ास  हो  हमारे  लिए . Without you our class is like ----

चटनी  बिना मोमोस ; छोले  बिना  भटूरे ; इलेक्ट्रोनिक  शटर बिना  DSLR कैमरा .

तुम  हो  तो  रोशन  है  हमारा  जहाँ . हालाकि  दीपिका (another IGNOU classmate and friend of

mine) के  रूप  में  हमारे  पास  थोड़ी  ‘रौशनी ’ है  पर  चाँद  की  भी अपनी  लिमिट  होती  है ; वो  कभी  


सूरज  ki  बराबरी  नहीं  कर  सकता ! तुम  वो  सूरज  थी  और  हमेशा  रहोगी  हमारे  लिए .

प्लीज़  हमसे  शेयर  करो  क्या  प्रॉब्लम  है . माना  की   सोहन ; अतुल; प्रियदर्शन ; तरुण ; श्रीकांत ;

प्रवेन्द्र ; मनीष ; महताब (they are all my IGNOU classmates and friends) ने  तुमसे  राखी  नहीं  


बंधवाई   पर  सिर्फ  राखी  नहीं  बंधवाने  से  ऐसा  नहीं है  कि  वो तुम्हारे  भाई  होने  का  फ़र्ज़  नहीं  


निभाएंगे ! एक  बार  बोल  के  तो  देखो , तुम्हारे  लिए  वो  जान  हाज़िर  कर  देंगे . बस इस बात  का  


ध्यान  रखना  की  तुम  20 Hz-20000 Hz के  frequency पर  ही  बोलो  क्यूंकि  इनके  पास  मेरी   तरह  


स्पेशल टेलेंट   नहीं  जो इस  frequency रेंज  के  बियोंड   सुन  सकें !

अब  अपनी  ज़िन्दगी  में  तुम्हारी  एहमियत  की  बात  करता  हूँ .


मेरे  PJs को  सुनने  और  बर्दास्त  करने  के  लिए  अपनी   सहेंशिलता  का  अपरचर  हमेशा  ज्यादा  रखा 

तुमने ;मैंने  जो कुछ  भी  उल -जुलूल  बातें  की  उसे  तुमने  BULLET THEORY की  तरह  बिना  कोई  


दिमाग  लगाए  पत्थर  की  लकीर  मान  ली  और किसी OPINION LEADER को  खुद  को  इन्फ्लुएंस  


नहीं  करने  दिया .

जब  भी  तुमसे  बात  की , मुझे  अपने  स्पेलिंग  मिस्टेक्स  के  जरिये  तारे  ज़मीन  पर  और  तुम्हारे

मेसेज  को  डिकोड करने  के  चक्कर  में जो  मेरी   दाल ;'चावल ;'सब्जी  जल  जाया  करती  थी  उसके  


जरिये  गजनी  के  कैरेक्टर्स  जीने  का  मौका  दिया  तुमने .(दाल  जली  तो  जली  अगर  जो  'दाल ' मैं  


गलाने  की  कोशिश  कर  रहा  हूँ  वो  अगर  गल  जाए  तो  तुम्हे  सात  खून  भी  माफ़  :) )

तुम्हारी इमेज अगर अगर मेरी आखों के रेटिना के ब्लाइंड स्पोट पर भी पड़ती है तो मैं तुम्हे देख सकता हूँ!

भगवान्  करे  जो   भी  परेशानी  है  तुम्हे  वो  दूर  हो  जाए  और  फिर  से  हमारी  ‘yipee’ वाली  ज्योति

वापस  आ  जाए हमारी  ऑनलाइन और  ऑफलाइन  ज़िन्दगी  में .


  



B4 I sign off, allow  C.One  to quote this “हमारी  फिल्मों  की  तरह  हमारी  ज़िन्दगी  में  भी  एंड  में

सब  कुछ  ठीक  हो jaata  है . अगर  ठीक  नहीं  होता है  तो  समझो  :

A)     पिक्चर  अभी  बाकी  है  मेरे  दोस्त …………

B)       वो  पिक्चर  देवदास / आमिर /मुगले- आज़म/  डोन  एन  डोन  2(SRK वाली ) है 

बहुत  बड़ी  ग़लतफहमी  का  शिकार ,

सिर्फ  और  सिर्फ  तुम्हारा 

चन्दन