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Friday, December 28, 2012

News Package Scripted by me

This is a news item on the increasing vulgarity on Indian Television of late.............................

Please watch it and let me know what did you like in it and what didn't score well with you....................

A TV ad on HT's 'You Read They Learn' campaign & A Nursery Rhyme

Concept & script: Chandan Kumar(Me)

Director: Deepika

Editing: Chandan Kumar(Me) and Deepika




2. A Nursery Rhyme made by me


Writer: Chandan Kumar(Me)

Voice-Over: Teesha

Animation: Deepika

Editing: Chandan Kumar(Me)

Saturday, October 6, 2012

"मेरा अक्स मुझसे है कहता"

आजकल जब भी मैं झलक अपनी हूँ देखता

"कौन है तू अनजान शख्स" यह सवाल मेरा अक्स मुझसे है पूछता.

था तू दूसरों के होठों की हंसी; अब नम आँखें ही तेरी मैं हूँ देखता

ये कैसा अंतर्द्वंद है जिससे तू है जूझता?

सवाल पे सवाल मेरा अक्स मुझसे है पूछता

क्या जवाब दू उसे कुछ नहीं सूझता.

"क्यूँ हर बार दिल पर चोट लगाता है ये जग" पलट कर मैं यह सवाल हूँ पूछता

अपेक्षा और उपेक्षा के चक्रव्यूह से निकलू कैसे यह नहीं सूझता.

"ये कैसा बोझ तू हर घडी हर पहर लेकर है घूमता" मेरा अक्स मुझसे है बोलता

क्यों डग-डग पर तू दूसरों को है तोलता

जो पहले से है तेरे अन्दर वो क्यूँ दूसरों से और दूसरों में तू ढूंढता?

जो हक़ है तेरा क्यूँ करता है दूसरों से उसकी गुहार

दूसरों के सांचे में ढलकर उन्हें तो जीत लेगा पर खुद को जाएगा तू हार.

दूसरों के हाथ में दे दी है तूने अपनी कमान

खुद को दूसरों में देखने की गलती कर रहा है तू नादान.

नहीं है तू दूसरों के प्यार और परवाह का मोहताज

फ़रियाद नहीं करते वो जिनके सर होता है सरताज.

मन को फौलाद सा मजबूत कर; कम कर दूसरों से आस

दूसरों की मुहर ही नहीं बनाती तुझे है ख़ास.

अक्स मेरा कहता आगे "वापस करेगा तू मुझे वो शख्स" जो अब नहीं है पास

चाहे करती रहे दुनिया तेरी आँखें नम; वादा कर दूसरों के विष में भी तू डालेगा

हमेशा अपने प्यार की मिठास.

Saturday, August 25, 2012

A CHAT WITH MY SCHOOL TIME CRUSH--- JAANA THA JAPAN PAHUNCH GAYE CHEEN


Today one of my school-time crush happened to get back in touch with me. during the course of our chat, there

came a point which saw my crush getting ‘crushed’ once again. Here’s the excerpt from the chat-----

She--- Hey I want to get into bed

I(half-shocked; quarter turned-on; quarter confused)---- क्या ? लेकिन मेरे  से  क्यूँ  कह  रही  हो ?

She--- तुम्हारे  हेल्प  के  बिना  I can’t get into bed

I(this time 3/4th turned on; 1/4th confused)---- क्या  बोल  रही  हो ! I mean आज  अचानक  se  कैसे ……….

SHE--- अचानक  से  नहीं ……काफी  सोच  समझ  के  फैसला  लिया  है  मैंने ……काफी  लोगों  से  सुना  है  की  u r the best person for the job.

I(almost jumping with joy)--- I’m ready to help! TIME और  VENUE बताओ  बन्दा  हाज़िर  हो  जाएगा

She—नो  नो  तुम  नहीं  आओ ….मैं  ही  आती  हूँ  इस  week या  next week

I—hey thanks तुमने  मुझे  is लायक  समझा  कि  मैं  इस  मामले  में  तुम्हारी  मदद  कर  सकता  हूँ

She---oh pls don’t be so modest……. SUBHRA* n SWATI* gave me your reference that how you helped them get

into bed without any problem

(*names changed)

I(totally shocked as वो  दोनों  कभी  handshake से  ज्यादा  बढ़ी  ही  नहीं )---- क्या ! अरे  नहीं  नहीं  मैंने  कुछ  नहीं
किया …….

She--- stop being so modest! अच्छा   बताओ  पैसे -वैसे  कितने  लगेंगे !

I--- पैसा ? क्या   बोल  रही  हो ! तुम  पैसे  की  बात  कर  भी  कैसे  सकती  हो ! तुम्हे  क्या  हो  गया  है !

She—Chandan you’re my last hope……. मैं  already 4-5 बार  ट्राई  कर  चुकी  हूँ  to get into bed but I performed

very poorly. इस बार  if I don’t get into bed my parents will kill me.

I--- क्या ! तुम  4-5 बार  already ट्राई  कर  चुकी  हो  n ur parents know about it! how could u be so shameless!

She—shameless वाली  क्या  बात  हो  गयी  यार ! खुद  में  अगर  कोई  कमी  हो  to accept करने  में  शर्म  कैसी ? मैंने  तो

अपनी  तरफ  से  200% कोशिश  की  थी  पर  अब  सामने  वाले  को  मेरा  performance नहीं  जमा  तो  what to do……….. but

मैंने  सुना   है  की  IGNOU में  ये  सब  आसानी  से  हो  जाता  है ….

I—who is spreading such shit about IGNOU? IGNOU शिक्षा  का  मंदिर  है  हवस  का  नहीं ……

She--- what? have u gone nuts? इसमे  हवस  की  बात  कहाँ  से  आ  गयी ? what’s wrong with going for a bed course!

teachers की  काफी  vacancy निकली  हुई  है  इसलिए  I thought I should give it a shot…Patna में  Patna Women's College के

अलावा  कोई  ढंग  का  institute नहीं  है  bed के  लिए … if U can’t help me it’s ok…..

(When I realised what her ‘bed’ was, I couldn’t reply for the next 5 minutes due to the shock I had just received!)

She—अरे  कहाँ  चले  गए ?

I—B.Ed. में  ! :p

(and I logged out. I wonder if it dawned on her too what I got to realise!)

(P.S. DEAR MY SCHOOL-TIME CRUSH next time से  B.Ed. को  ‘bed’ नहीं  बल्कि  ‘B.Ed.’ ही  लिखना  वरना  किसी  को  कुछ  गलत

‘उमीदें ’ होने  लगती  हैं ……and 1 more thing SWATI n SHUBRA की  मदद  के  नाम  पर  मैंने  B.Ed. की  सारी

details पता  करने  का  ही  काम  किया  था  बस ! )

Friday, July 6, 2012

An Open Apology Letter to The Indian Rail


प्रिय  भारतीय  रेल

नहीं …..सर्वप्रिय सर्वश्रेष्ठ  भारतीय  रेल !

सबसे  पहले  तो  आप  ये  बताएं  कि आपका  कौन  सा  पार्ट  आपका  पाँव  कहलाता  है !

मैंने  आपके  पहियों  को  आपका  पाँव  समझ  उसपर  गिरकर  आपसे  माफ़ी  मांगने  की  कोशिश  करनी  चाही  तो  लोगों  ने  उसे

सुसाइड  अटेम्प्ट  समझ  वैसा  करने  नहीं  दिया  और  ऊपर  से  ‘जीवन  से  लड़े  कैसें ” पर  लेक्चर  भी  दे  दिया !

इसलिए  अगर  पहिया  ही  आपका  पाँव  है  तो  प्लीज  उसका  विकल्प  भी  बता  दीजिये  आप .

आज  फिर  से  मेरा  टिकट  कन्फर्म  नहीं  हो  पाया !

कभी  टिकट  कन्फर्म  नहीं  हो  पा  रहा ; कभी  ट्रेन  ही  मिस  हो  जा  रही  है ; कभी  टिकट  बुक  तक  नहीं  कर  पा  रहा  हूँ

……..आखिर  ऐसी  भी  क्या  नाराजगी  कि  आप  मुझसे  इस  कदर  रूठे  हैं  कि  मुझे  अब  आपसे  यात्रा  करने  का  मौका  ही  नहीं 

मिल  रहा !

अब  तो  लोग  “हाथ  में  आया  पर  मुँह को न  आ  सका ” मुहावरे  की जगह  “प्लेटफॉर्म  तक आ  गया  पर  गाडी  पर  चढ़  नहीं  सका

” कहने  लगे हैं !

मुहल्ले  में  निकलता  हूँ  तो  लोग  ये  नहीं  पूछते  की  “कैसे  हो ?क्या  हाल  है ?”. बल्कि  ये  पूछते  हैं  कि “बुक  कराने  जा  रहे  हो 

या  कैंसल  करवाने ?”!

किसी  इंसान  से  पहली  बार  मिलता  हूँ  तो  “आपका  नाम  क्या  है ” की  जगह  “आपका  PNR क्या  है ?” निकल  जाया  करता  है !

मेरे  बॉडी  का  जो -जो  पार्ट  एक  दुसरे  से  जुड़  सकता  है  वो  जोड़  कर  आपसे  विनती  कर  रहा  हूँ  कि अब  बस  कीजिये !

ये  जो  मुझे  ‘ब्लैकलिस्ट’ कर  रखा  है  उस  प्रतिबन्ध  को  तुरंत  हटा  दीजिये !

 मैं  अब  बदल  चुका हूँ ! अब  मैं  कन्फर्म  टिकट  मिलने  की एहमियत  समझ  चुका  हूँ  और  अब  “ टिकट  कन्फर्म-कन्फर्म कैंसल -

कैंसल ” नहीं  खेलता  हूँ !

मेरा  10 July 3, 2012 से  पहले  दिल्ली  जाना  बेहद  जरुरी  है ! कल  मैं  फिर  से  तत्काल  टिकट  की  कोशिश  करने  जाने  वाला 

हूँ! प्लीज़  इस  बार  कन्फर्म  टिकट  दिलवा  देना  मुझे !

मैं  वादा  करता  हूँ  कि आपके  किसी  भी  ट्रेन  की कभी  बुराई  नहीं  करूँगा ; एक  ट्रॉली बैग  एक्स्ट्रा  पानी  की  बोतलें  ले  लूँगा  पर 

सुबह  के  टाइम  आपके  कुछ  ट्रेन्स  के  बाथरूम  में  पानी  खत्म  हो  जाने  की  शिकायत  कभी  नहीं  करूँगा  और  अपने  साथी 

यात्रियों  को  भी  नहीं  करने  दूंगा !

पसंदीदा पकवानों की बात आने पे  मैं  IRCTC के ही  सारे  पकवानों  का  नाम  लूँगा ! मैं तो  बर्थडे  पार्टी  में  दोस्तों  को  मेक्डोनाल्ड/

पिज्जा  हट/डोमिनोज  इत्यादि  की  जगह  रेलवे  स्टेशन  पे  IRCTC के  ही  डिशेस की  ट्रीट दूंगा !

बस  टिकट  कन्फर्म  मिलवा  दें  आप  मुझे !

आपका  अपना ,

वेटिंग -लिस्ट  पैसेंजर

Thursday, June 21, 2012

CONTRACT FORM FOR MY FRIENDSHIP(FOR GIRLS ONLY)


                                                                       


NAME*:                                                                                               _________________

(*नाम   कुछ   भी   हो   आप   अपना   इंट्रोडकशन  “हाय! मेरा  नाम  ‘चन्दन  की  फ्रेंड ’

 है .” कह  कर  ही  करेंगी.).

AGE**:                                                                                                 _________________
(**ICE AGE; THE ASIAN AGE को  छोड़कर  कोई  भी  AGE चलेगा .).


SEX:                                                                                                    ___________________

(छी ! दोस्ती  के  बीच  में  ‘सेक्स ’ कहाँ  से  आ गया ! एक  बात  मैं  शुरू  में  ही



क्लिअर  कर  देना  चाहता  हूँ  कि हमारा  रिश्ता  सिर्फ  और  सिर्फ  दोस्ती  का  होगा . उससे



ज्यादा  की उम्मीद  नहीं  करना  :p )


ARE YOU IN A RELATIONSHIP***?(select any one option; preferably ‘B’)

A)     YES
B)      NO

(*** If your answer is A, then mail me a photo of the guy you’re dating stating in

Your own handwriting/recorded audio or video message that you’re in a relationship

With that guy. Also mention your complete permanent postal address and phone

Numbers  of your parents. If your answer is B, skip the ADDRESS section.)

ADDRESS:                                                                           ________________________
                                                                                             ________________________
                                                                                             ________________________

PHONE NUMBER of PARENTS:                                        ________________________

(Read the following Terms & Conditions carefully as मेरी  दोस्ती  आपको  मिलने के  सारे  चांसेस  इन्ही  पर  टिकी  हैं . वरना  बाद  मैं  जब  मैं  ज़मीन  पर लोट -लोटकर  आपके  पाँव  पड़-पड़कर  मुझे  अपना  दोस्त  बना  लेने  के  लिए मिन्नतें  करने  लगूंगा  और  जहाँ -तहां  सीन क्रिएट  करता  चलूँगा  तो फिर  बोलना  मत  कि वार्निंग  नहीं  दिया  था .)

Terms & Conditions:

A)     Regular LIKES n COMMENTS on my FB STATUS UPDATES N NOTES

B)     मैं  कितना  भी  हैंडसम क्यूँ  न  लग  रहा  हूँगा पर  तारीफ  आप



         सिर्फ मेरे  shirt/jeans/shoes etc. की ही  करेंगी . E.g., “ चन्दन !



         तेरा  Shirt/jeans/shoes etc. बहुत  अच्छा  लग  रहा  है !”



C)      मेरे  पीठ  पीछे  चाहे  तुम  जो भी  कहो  पर  कभी  मेरे  मुँह



         पे  ये  नहीं  कहोगी  कि  “चन्दन ! तुम  कितने  दुबले -पतले  मरियल



        टाइप  के  हो ! कुछ  करो  अपनी  हेल्थ  को  लेकर !”. अगर  कभी  कंट्रोल



         नहीं  हो  पाए  और  मेरे  मरियल  से  कद-काठी  और  चिड़िया  के  घोंसले



         जैसे  बालों  के  बारे  में  कहना  हो  तो  मुझसे  कह  देना  मैं



        मुड़  जाऊँगा . तब  कह  सकती  हो  कोई  प्रॉब्लम  नहीं  होगी  मुझे .



D)     और  ये  भी  महीने  में  सिर्फ  एक  बार  ही  कहना  अलाउड होगा  कि



       “बचपन  में  तुम  कितने  स्वीट  और  क्यूट  थे   पर  अब   देखो!



        भगवान  ऐसा अन्याय किसी  के  साथ  न करे."



E)      अगर  मुझे  छोड़ कर  आप  दूसरों  के  साथ  घूमने जाती  हैं



         तो फेसबुक  पर  उससे रिलेटेड  कोई  स्टेटस  अपडेट या  तस्वीर  अपलोड नहीं  करना



         होगा .



F)      मैं चाहे  कितना  भी  गलत  क्यूँ  ना  हूँ  मेरे  सौरी  बोलने

         पर मान  जाना  होगा  तुरंत . एक  ही  गलती  बार -बार  करने

         के  केस  में भी  ये  नियम  लागू  रहेगा .



अगर ये  सभी  शर्तें  मंज़ूर  हो  तो  नीचे  साइन  कर  के  ये  फॉर्म  मुझे  भेज दें . ध्यान रहे कि  यहाँ वाला  सिग्नेचर  आपके  बैंक  अकाउंट  के  सिग्नेचर  से  मिलता हो.



ये CONTRACT FORM साइन कर  आप  आधे  मन  से  ही  सही  पर  मेरा  दोस्त  बनना  स्वीकार कर  रहे  हैं कम से कम अगले  2 जनम  तक .



मेरी दोस्ती  महाभारत  के  चक्रव्यूह  कि  तरह  है  जिसमे  इंटर तो  किया  जा  सकता है  पर  बाहर निकलना  नामुमकिन  है . इसलिए  ये  सोच  के  खुश  मत  हो  जाना  कि  मेरे  TERMS & CONDITIONS फौलो नहीं  करने  पर  तुम्हे  कोई  कीमत  नहीं  चुकानी  पड़ेगी .



_________________



(Signature)



(P.S. इस  CONTRACT FORM के  साथ  किसी  भी  लेटेस्ट  मूवी  का  टिकट(only multiplex ticket please!) भेजना  ना  भूलें नहीं  तो  फॉर्म  रिजेक्ट  हो  जाएगा .)



  

Sunday, March 25, 2012

‘गाय' पर एक लेख



जब  से   मेरे   कॉलेज  के  एक  टीचर  ने  हमें  ‘गाय’ पर  लेख  लिखने  को  कहा  मैंने  पूरी  दिल्ली  और  गुडगाँव  छान  मारा  पर  मुझे  कोई  

खटाल  मिली ही   नहीं  कि  मुझे   एक  गाय  दिख   जाए   और  मैं   उसपर   अपनी  नोटबुक  रख  एक लेख  लिख  सकता ! और  सर  ने

टॉपिक  भी  नहीं  बताया  कि  किस (हिंदी  वाला  'किस';इंग्लिश  वाला  नहीं !) टॉपिक पर  लिखना  है  बस  ये  कह  दिया  की ‘गाय ’ पर एक

लेख लिखने  की  कोशिश  करिएगा  आप   लोग  !

खैर  ‘गाय ’ पर  कर  लिखने   का  सौभाग्य  नहीं  मिल  सका तो  क्या  हुआ ? ‘गाय ’ टॉपिक  पर  ही  लिख  देता  हूँ  एक  लेख !

बचपन  से  ही  बड़ा  गहरा  रिश्ता  रहा  है  ‘गाय ’ शब्द  से .

याद  है  मुझे  की  किस  तरह  मन  मारकर  इसी  ‘गाय ’ का  दूध  मुझे  सुबह -शाम  पीना  पड़ता  था .

पर  फायदा  कुछ  नहीं  हुआ   क्यूंकि  जितना  ही  मैं  ‘गाय ’ का   दूध  पीता  था  परीक्षा  में  मार्क्स  उतने  ही  कम  आया  करते  थे ! और

इसी  कारण  मुझे  इस  ‘गाय ’ के  ही  मेल  वर्ज़न  ‘बैल ’ की  उपाधि  मेरे  टीचर्स  ने  दे  रखी  थी  !

(हालांकि  कुछ  और  जानवरों  के  अलंकार  से  मुझे  समय -समय  पर  नवाज़ा  जाता  रहा  जैसे  ‘गिरगिट ’(पापा  और  मम्मी  के  फ्रेंड्स 

द्वारा  जब  मैं  हर  साल  फ्रेंडशिप  डे पर  उनकी  बेटियों  से  फ्रेंडशिप  बैंड  तो  बंधवा  लेता  था  पर  राखी  के  टाइम  पर  वादा  कर  के  भी

उनके  यहाँ  नहीं  जाता  था ) ; ‘गधा’ (मेरे  पापा  द्वारा ); ‘बन्दर ’(मोहल्ले  वालों  द्वारा ); ‘कुत्ता ’(अपनी  बेहें  और  कज़न्स  द्वारा  जब  मैं

उनके  हिस्से  की  मिठाई /आइसक्रीम  खा  जाया  करता  था ); ‘चूहा ’(अपनी  मम्मी  द्वारा  जब  मैं  काजू -पिस्ता  और  खाने  की

बाकी  दूसरी  चीज़ें  घर  में  कहीं  भी  छुपा  देने  पर  भी  ढूंढ  के  चट कर  जाता  था ).

खैर , ‘गाय ’ पर  वापस  आता  हूँ . बडे  होकर  भी  ‘गाय ’ से  पिंड  नहीं  छुटा मेरा ! जब  मोहल्ले -शहर में  मेरे  प्यार  में  पड़ने  की  खबर 

फैली  तो  सब  लोगों  ने  मेरी  ‘भावना ’ का  ख्याल  नहीं  रखते  है  एक  सुर   mein यही  सवाल   पूछा ---- “हु  इस  द लक्की  गाय ? :’( “

उम्मीद  करता  हूँ  कि  आज  तक  जिस  ‘गाय ’ ने  मुझे  न  जाने  कितने  सितम  दिए , वो  ‘गाय ’ इस  लेख  के  जरिये  थोड़ी -बहुत ही

सही  पर  वाहवाही   जरुर  दिलवादे !